सुजीत लखनऊ के और आलोक गौतमबुद्धनगर के हाेंगे पहले कमिश्नर

AajNoida 01/13/2020 देश

 लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को लखनऊ और गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में कमिश्नर प्रणाली लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की हुई बैठक में लखनऊ व गौतमबुद्धनगर में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। लखनऊ व गौतमबुद्धनगर में अब पुलिस कमिश्नर होंगे। अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) सुजीत पांडेय लखनऊ के और अपर पुलिस महानिदेशक(एडीजी) आलोक सिंह को गौतमबुद्धनगर का पहला कमिश्नर बनाया गया है।
 
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद श्री योगी ने संवाददाताओं को बताया कि लखनऊ व नोएडा में पुलिस कमिश्नर होंगे। 15 राज्यों में पुलिस कमिश्नर हैं। लखनऊ में दो थाने बढ़ाए गए हैं। अब यहां 40 थाने हो गए हैं। कानून व्यवस्था में सुधार के लिए फैसला लिया गया है।
 
मंत्रिमंडल की लखनऊ व गौतमबुद्धनगर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने के अलावा छह अन्य प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी।
 
श्री योगी ने कहा कि राज्य सरकार ने बेहतर पुलिस व्यवस्था के लिए बड़ा तथा बढिय़ा कदम उठाया है। लम्बे समय से प्रदेश की कानून व्यवस्था के लिए इसकी मांग की जा रही थी। आज उसको पूरा किया गया है। लखनऊ में करीब 40 लाख तथा गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में करीब 25 लाख के आसपास की आबादी है। लखनऊ में अभी तक कुल 40 थाना हैं। अब लखनऊ में पुलिस आयुक्त प्रणाली होगी। जिसमे एडीजी रैंक के अफसर पुलिस कमिश्नर होंगे। प्रदेश में आयुक्त प्रणाली मेट्रोपॉलिटन सिटी में लागू होगी। इसके साथ ही दोनों जगह पर महिला पुलिस अधीक्षक रैंक की अधिकारी को अलग से नियुक्ति दी जाएगी। जिससे महिलाओं की सुरक्षा के लिए अलग से काम हो सके। उनके साथ अपर पुलिस अधीक्षक रैंक के अधिकारी भी रहेंगी। लखनऊ तथा गौतमबुद्धनगर में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस अधीक्षक तथा अपर पुलिस अधीक्षक रैंक के अधिकारी तैनात होंगे। जिससे यातायात की व्यवस्था मजबूत हो सकें।
 
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस में सुधार का सबसे बड़ा कदम उठाया है। पिछले 50 वर्ष में बेहतर पुलिस व्यवस्था के साथ ही साथ मजबूत कानून व्यवस्था के लिए इस प्रणाली की मांग हो रही थी। हमने लखनऊ तथा नोएडा में कमिश्नर प्रणाली को लागू कर दिया है। उन्होंने कहा कि दस लाख से अधिक की आबादी वाले महानगरों में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने की जरूरत थी। राजनीतिक उदासीनता की वजह से यह नहीं किया गया। प्रदेश में महिला अपराधों पर त्वरित कार्यवाही हो। इसके लिये महिला पुलिस अधीक्षक और महिला अपर पुलिस अधीक्षक की तैनाती दी है।
 
श्री योगेी ने कहा कि यह फैसला जनता के हित में लिया गया हैै। कानून व्यवस्था को और और बेहतर करने में सरकार ने यह फैसला लिया है। पुलिस कमिश्नर को मजिस्ट्रेट पावर भी होंगे। पुलिस कमिश्नर को मजिस्ट्रेट के साथ 15 और अधिकार दिये जा रहे है।